सुहानी भोर भई,उठ सांवरिये,
रैन बीती,कुछ नये सपने लिये,
रैन बीती,कुछ नये सपने लिये,
योवन की अंगड़ाई,सर झुकाये,
जुदाई,अंखियों में हँसीं पल लिये,
जुदाई,अंखियों में हँसीं पल लिये,
सलवटें हटी,वस्त्र बदले,तन नहलाये,
अनमना मन चला,तेरी खुशबू लिये,
अनमना मन चला,तेरी खुशबू लिये,
हूँ विभोर,अगले मिलन की आशा लिये,
मुड़-मुड़ देखुँ , यौवन तरंगें साधे हुये।।
मुड़-मुड़ देखुँ , यौवन तरंगें साधे हुये।।